1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. सत्यजीत रे की जयंती पर ममता बनर्जी ने भी दी श्रद्धांजलि, पोस्ट कर बताया का बंगाल का गौरव

सत्यजीत रे की जयंती पर ममता बनर्जी ने भी दी श्रद्धांजलि, पोस्ट कर बताया का बंगाल का गौरव

 Written By: Shyamoo Pathak
 Published : May 02, 2026 03:43 pm IST,  Updated : May 02, 2026 03:43 pm IST

सत्यजीत रे की जयंती पर ममता बनर्जी ने भी श्रद्धांजलि दी है और उन्हें बंगाल का गौरव बताया है। ममता ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है।

Satyajit Ray And Mamata Banerjee- India TV Hindi
सत्यजीत रे और ममता बनर्जी Image Source : IMAGE SOURCE-PTI AND X@MAMATABANERJEE

आज सिनेमाई दुनिया के दिग्गज डायरेक्टर रहे सत्यजीत रे की जयंती है और इस खास मौके पर तमाम सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। फैन्स ने भी सोशल मीडिया पर सत्यजीत रे को याद करते हुए कई पोस्ट शेयर किए हैं। ममता बनर्जी ने भी सत्यजीत रे की जयंती पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इतना ही नहीं ममता ने उन्हें बंगाल का गौरव भी बताया है। 

पोस्ट शेयर कर दी श्रद्धांजलि

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दिग्गज फिल्म निर्माता सत्यजीत रे की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सिनेमा और साहित्य में उनके अमिट योगदान को याद किया।

अपने ट्विटर हैंडल पर बनर्जी ने लिखा, 'विश्वप्रसिद्ध फिल्म निर्माता, विख्यात साहित्यकार और बंगालियों के गौरव सत्यजीत रे की जयंती पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनकी कालजयी रचनाएं न केवल बंगाली सिनेमा के लिए बल्कि विश्व सिनेमा के इतिहास के लिए भी अमूल्य धरोहर हैं।' 

1921 में हुआ था जन्म

सत्यजीत रे का जन्म 2 मई, 1921 को कोलकाता में हुआ था और वे भारत की सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक हस्तियों में से एक हैं। एक अग्रणी फिल्मकार, लेखक, चित्रकार, संगीतकार और सुलेखक के रूप में, रे ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहली फिल्म, पाथेर पांचाली, और प्रशंसित अपू त्रयी ने अपनी गहन मानवीय कहानी और जीवन के यथार्थवादी चित्रण के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की। फिल्म निर्माण के अलावा, रे की रचनात्मक प्रतिभा साहित्य और डिजाइन तक फैली हुई थी। उन्होंने फेलुदा जैसे प्रतिष्ठित काल्पनिक पात्रों का निर्माण किया और बाल साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी फिल्में, जैसे चारुलता और महानगर, यथार्थवाद और भावनात्मक गहराई के मिश्रण वाली उत्कृष्ट कृतियों के रूप में व्यापक रूप से मानी जाती हैं। अपने जीवनकाल में, रे को विश्व सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए अकादमी मानद पुरस्कार और भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न सहित कई सम्मान प्राप्त हुए। उनका निधन 23 अप्रैल 1992 को कोलकाता में हो गया था। खास बात ये रही कि उनके निधन से कुछ दिन पहले ही अकादमी अवॉर्ड्स ने उन्हें ऑस्कर के खिताब से भी सम्मानित किया था। 

ये भी पढ़ें- अपने ही बने दुश्मन! 'अनुपमा' के चरित्र पर पाखी और तोषू ने उठाए सवाल, सास लीला ने पूछा- 'ये नया चक्कर क्या है?'

ओपनिंग डे पर चला 'राजा शिवाजी' का जादू, राम गोपाल वर्मा भी हुए फैन, रितेश देशमुख के लिए कही बड़ी बात

Latest Bollywood News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bollywood से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन